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श्रेयस अय्यर की जीवनी: जन्म, संघर्ष, क्रिकेट करियर, रिकॉर्ड्स, नेट वर्थ और रोचक तथ्य | Shreyas Iyer Biography in Hindi

  श्रेयस अय्यर की जीवनी (Shreyas Iyer Biography in Hindi) भारतीय क्रिकेट के आधुनिक युग में मध्यक्रम के सबसे भरोसेमंद और आक्रामक बल्लेबाजों में श्रेयस अय्यर का नाम बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। अपनी सहज तकनीक, स्पिन गेंदबाजों पर प्रभुत्व और दबाव की स्थितियों में शांत रहकर मैच जिताने की क्षमता ने उन्हें टीम इंडिया की रीढ़ बना दिया है। घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने से लेकर आईपीएल में सफल कप्तानी और अंतरराष्ट्रीय पटल पर शतक जड़ने तक, श्रेयस की कहानी दृढ़ संकल्प और अटूट आत्मविश्वास की मिसाल है। श्रेयस अय्यर का जीवन परिचय (Quick Overview) पूरा नाम: श्रेयस संतोष अय्यर जन्म तिथि: 6 दिसंबर 1994 जन्म स्थान: चेंबूर, मुंबई, महाराष्ट्र उम्र: 31 वर्ष पिता का नाम: संतोष अय्यर (बिजनेसमैन) माता का नाम: रोहिणी अय्यर (गृहिणी) बहन: श्रेष्ठा अय्यर (कोरियोग्राफर) भूमिका: दाएं हाथ के मध्यक्रम बल्लेबाज, पार्ट-टाइम लेग स्पिनर घरेलू टीम: मुंबई आईपीएल टीमें: दिल्ली कैपिटल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) शुरुआती जीवन और परिवार का साथ श्रेयस अय्यर का जन्म मुंबई के एक साधारण दक्षिण भारतीय परिवार में हु...

Amitabh Bachchan biography in Hindi


अमिताभ बच्चन बायोग्राफी: सदी के महानायक का शून्य से शिखर तक का सफर

प्रस्तावना

भारतीय सिनेमा के इतिहास में अगर कोई एक नाम है जिसने समय की हर कसौटी को पार किया है, तो वह है—अमिताभ बच्चन। 6 फीट 2 इंच का वह लंबा नौजवान, जिसकी भारी आवाज़ को कभी रिजेक्ट कर दिया गया था, आज उसी आवाज़ और शख्सियत के दम पर पूरी दुनिया पर राज कर रहा है। उन्हें 'एंग्री यंग मैन', 'शहंशाह' और 'सदी का महानायक' जैसे अनगिनत नामों से नवाज़ा गया है।

जन्म और प्रारंभिक जीवन (एक साहित्यिक विरासत)

अमिताभ बच्चन का जन्म 11 अक्टूबर 1942 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) में हुआ था। उनके पिता, डॉ. हरिवंश राय बच्चन, हिंदी साहित्य के एक दिग्गज कवि थे और माँ, तेजी बच्चन, एक बेहद प्रबुद्ध महिला थीं।

बचपन का नाम: उनका शुरुआती नाम 'इंकलाब' रखा गया था, लेकिन बाद में पिता ने इसे बदलकर 'अमिताभ' कर दिया, जिसका अर्थ है— "वह चमक जो कभी कम न हो।"

शिक्षा: उनकी शुरुआती पढ़ाई नैनीताल के शेरवुड कॉलेज में हुई और ग्रेजुएशन दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से हुआ। पढ़ाई के बाद वे कोलकाता में एक शिपिंग कंपनी में नौकरी करने लगे, लेकिन उनके दिल में अभिनय का जुनून पहले से ही पल रहा था।

मुंबई का संघर्ष और शुरुआती नाकामी

अमिताभ बच्चन जब मुंबई आए, तो उनके पास न कोई फिल्मी गॉडफादर था और न ही उस समय के तयशुदा 'चॉकलेटी' लुक्स।

आवाज़ का रिजेक्शन: आपको जानकर हैरानी होगी कि उन्हें 'ऑल इंडिया रेडियो' ने उनकी भारी आवाज़ के कारण नौकरी देने से मना कर दिया था।

पहली फिल्म: 1969 में फिल्म 'सात हिंदुस्तानी' से उन्होंने शुरुआत की। फिल्म को नेशनल अवॉर्ड मिला, लेकिन अमिताभ को पहचान नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने लगातार 12 फ्लॉप फिल्में दीं। लोग कहने लगे थे कि यह लंबा लड़का हीरो नहीं बन सकता।

'एंग्री यंग मैन' का उदय (1973 - जंजीर)

साल 1973 में आई फिल्म 'जंजीर' ने भारतीय सिनेमा का चेहरा बदल दिया। स्क्रिप्ट राइटर सलीम-जावेद ने एक ऐसे इंस्पेक्टर का किरदार रचा जो व्यवस्था के खिलाफ लड़ता है। इस फिल्म ने अमिताभ को 'एंग्री यंग मैन' की पहचान दी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

दीवार, शोले, और डॉन: इन फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार से मेगास्टार बना दिया। 'शोले' के जय और 'दीवार' के विजय के किरदार आज भी हर भारतीय के दिल में बसे हैं।

कुली हादसा: मौत से जंग

24 जुलाई 1982 का वह दिन पूरा देश कभी नहीं भूल सकता। फिल्म 'कुली' की शूटिंग के दौरान अमिताभ को पुनीत इस्सर के साथ एक फाइट सीन में गंभीर चोट लगी। वे अस्पताल में मौत से लड़ रहे थे।

यह उनकी लोकप्रियता का चरम था कि देशभर के मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारों में उनके लिए दुआएं मांगी गईं। वे ठीक होकर वापस आए और फिल्म के अंत में निर्देशक ने उस सीन को फ्रीज़ कर दिया जहाँ उन्हें चोट लगी थी।

राजनीति और आर्थिक संकट (बुरा दौर)

अमिताभ बच्चन ने अपने दोस्त राजीव गांधी के कहने पर राजनीति में कदम रखा और इलाहाबाद से भारी बहुमत से चुनाव जीता। लेकिन जल्द ही उनका मन राजनीति से उचट गया और उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

90 के दशक के आखिर में, उन्होंने अपनी कंपनी ABCL शुरू की, जो बुरी तरह घाटे में चली गई। अमिताभ दिवालिया होने की कगार पर थे, उन पर करोड़ों का कर्ज़ था। उस समय उन्होंने यश चोपड़ा के पास जाकर काम मांगा और उन्हें फिल्म 'मोहब्बतें' मिली।

KBC और नई पारी का आगाज़

साल 2000 में टीवी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) ने उनकी जिंदगी बदल दी। टीवी के पर्दे पर अमिताभ की विनम्रता और उनके बोलने के अंदाज़ ने उन्हें हर घर का सदस्य बना दिया। इसी समय से उनकी दूसरी पारी शुरू हुई, जिसमें उन्होंने 'पा', 'पीकू', 'पिंक' और 'ब्रह्मास्त्र' जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया।

अमिताभ बच्चन के बारे में कुछ अनोखे और अनसुने तथ्य (Unique Facts)

दोनों हाथों से लेखन: अमिताभ बच्चन 'एम्बिडेक्सट्रस' (Ambidextrous) हैं, यानी वे दोनों हाथों से बराबर सफाई से लिख सकते हैं।

वक्त के पाबंद: फिल्म इंडस्ट्री में वे अपनी समय की पाबंदी के लिए मशहूर हैं। कई बार वे सेट पर वॉचमैन से भी पहले पहुँच जाते हैं।

शाकाहारी जीवन: वे पूरी तरह से शाकाहारी हैं और अपनी सेहत का बहुत ध्यान रखते हैं।

डबल रोल के राजा: उन्होंने अपनी कई फिल्मों (जैसे- डॉन, महान, सत्ते पे सत्ता) में डबल या ट्रिपल रोल निभाए हैं।

पारिवारिक जीवन

अमिताभ बच्चन ने 1973 में अपनी को-स्टार जया भादुड़ी से शादी की। उनके दो बच्चे हैं— श्वेता बच्चन और अभिषेक बच्चन। आज वे एक खुशहाल दादा और नाना हैं। उनकी बहू ऐश्वर्या राय बच्चन भी बॉलीवुड की नामी अभिनेत्री हैं।

निष्कर्ष: कभी न खत्म होने वाला सफर

80 साल की उम्र पार करने के बाद भी अमिताभ बच्चन के काम करने का जज्बा किसी 25 साल के नौजवान जैसा है। वे ब्लॉग लिखते हैं, सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं और रोज़ाना घंटों शूटिंग करते हैं। उनकी सफलता का राज केवल उनकी प्रतिभा नहीं, बल्कि उनका अनुशासन और कभी हार न मानने वाली ज़िद है।

अमिताभ बच्चन केवल एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक प्रेरणा हैं कि अगर आप खुद पर भरोसा रखें, तो गिरकर दोबारा उठना और आसमान छूना मुमकिन है। 

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